हाथरस विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित की अध्यक्षता में क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की महिला अध्यक्षों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
सीडीओ ने बताया कि जनपद में लगभग 6 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। जुलाई माह से विद्यालयों में यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने तथा मिड-डे मील योजना के अंतर्गत शुद्ध दूध की आपूर्ति का कार्य भी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा।
इसके अलावा महिलाओं को ‘बीमा सखी’ के रूप में प्रशिक्षित कर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सीएलएफ को साढ़े चार लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ऋण से ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य संसाधन खरीदकर स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकेंगे।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हर घर तिरंगा अभियान के तहत जनपद में तीन से साढ़े तीन लाख तिरंगे झंडे तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी 36 स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। सीडीओ ने समूहों से गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने का आह्वान किया है।







