हाथरस में विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित भव्य रामोत्सव कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन अंगूमल धर्मशाला में किया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में पहली बार हाथरस पहुंचे क्षेत्र संगठन मंत्री मा० मुकेश विनायक खांडेकर जी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने जिस उद्देश्य से इस पृथ्वी पर जन्म लिया, उनकी संपूर्ण जीवन यात्रा ही एक रामोत्सव है। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत कर दिया।
उन्होंने श्रीराम के जीवन चरित्र के माध्यम से समाज को संगठित, सशक्त और जागरूक बनाने का संदेश दिया, साथ ही विश्व हिंदू परिषद के उद्देश्यों और कार्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
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वहीं, कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रत्नेश रत्न ने अपने संबोधन में समरस समाज की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई” का सिद्धांत आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता एवं भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद आचार्य पद्धति से विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
अतिथियों का स्वागत विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों द्वारा अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया गया।
इस गरिमामयी आयोजन में ब्रज प्रांत और विभिन्न विभागों के अनेक प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला मंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने किया, जबकि आभार व्यक्त नगर अध्यक्ष संजय गर्ग ने किया।
यह रामोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की एकता, संस्कार और संगठन शक्ति का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। ऐसे आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक संदेश जाता है।









