20 साल से फरार 25000 हज़ार का इनमिया हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, मथुरा-वृन्दावन में अलग-अलग भेष बदल कर था रहता

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हाथरस।करीब 20 वर्षों से पुलिस और कानून की पकड़ से बच रहा ₹25 हजार का इनामिया हिस्ट्रीशीटर आखिरकार सादाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था और समय-समय पर भेष बदलता था।

तकनीकी निगरानी, सर्विलांस और पुलिस के YAKSH App से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और सटीक सूचना के बाद सादाबाद-राया बॉर्डर से उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल पुत्र हम्बीर सिंह निवासी ग्राम रमचेला, थाना सादाबाद के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह थाना सादाबाद का हिस्ट्रीशीटर है और उसका HS नंबर 10A है। उसके खिलाफ हाथरस, मथुरा, आगरा और अलीगढ़ जनपदों में कुल 45 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गुण्डा एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2006 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इसके बाद वह लगातार फरार रहा। न्यायालय के आदेश पर उसके खिलाफ धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी। लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने पर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने 18 सितंबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था।

एसपी हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी सादाबाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश तेज की। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संभावित ठिकानों और गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं का मिलान किया गया। सर्विलांस सेल की तकनीकी मदद और YAKSH App पर उपलब्ध पुलिस डाटाबेस के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया गया। कई दिनों की सुरागरसी के बाद पुलिस को उसके मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिली।

पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। अलग-अलग स्थानों पर रहने के दौरान वह साधु समेत अलग-अलग भेष धारण करता था, ताकि उसकी पहचान उजागर न हो सके। पुलिस टीम ने सूचना विकसित करने के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और सादाबाद-राया बॉर्डर पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ दर्ज 45 मुकदमों का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2002 से लेकर 2022 तक फैला हुआ है। इनमें कई मामले लूट, पुलिस से बचने और अवैध हथियारों से जुड़े हैं। सादाबाद पुलिस अब आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई कर रही है।

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