हाथरस में तेज रफ्तार कार ने 2 साल के मासूम को कुचला, मौत के बाद बवाल; थाने पर पथराव, कई घायल
यूपी के जनपद हाथरस के थाना मुरसान क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में ढाई साल के मासूम की अर्टिगा कार से कुचलकर मौत हो जाने के आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया और सड़क पर जाम लगाते हुए मथुरा बरेली रेलवे ट्रेक पर खड़े होकर थाना मुरसान पर जमकर पथराव दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। घटना में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, मढैया मोहल्ला निवासी रूपेश कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके दो बेटे हैं—बड़ा करीब साढ़े चार साल का और छोटा दो साल का यश। रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे यश अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी तेज रफ्तार अर्टिगा कार उसे रौंदते हुए निकल गई। कार में तीन लोग सवार थे। गंभीर रूप से घायल बच्चे को परिजन पहले हाथरस के एक निजी अस्पताल ले गए, वहां से बागला अस्पताल और फिर अलीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन अलीगढ़ पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद पुलिस ने कार चालक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर वाहन को कब्जे में ले लिया। इसी दौरान गुस्साई भीड़ ने आरोपियों को अपने हवाले करने की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और फिर हिंसा में बदल गई।
मुरसान थाने के सामने रेलवे ट्रैक होने के कारण आक्रोशित लोग ट्रैक पर पहुंचे और वहां से पत्थर उठाकर थाने पर पथराव शुरू कर दिया। करीब 15 मिनट तक चले पथराव में थाने का बोर्ड टूट गया और अंदर खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हालात बेकाबू होते देख छह थानों की फोर्स मौके पर बुलानी पड़ी। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा।
पथराव और जाम लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, वहीं मुरसान नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह समेत अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने रेलवे ट्रैक से पत्थर उठाकर थाने पर फेंके। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और अब तक तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।







