हाथरस में सासनी पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को देर रात हाउस अरेस्ट कर लिया।
विवेक उपाध्याय ने बताया कि उन्हें दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के घेराव के लिए प्रस्तावित शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्यक्रम से पहले हाउस अरेस्ट किया गया है। उपाध्याय ने इस कार्रवाई को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (a) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता), 19(1) (b) (शांतिपूर्ण सभा का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का सीधा उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि बिना किसी आपात स्थिति, निषेधाज्ञा के वैध आदेश अथवा सक्षम न्यायिक अनुमति के किसी जनप्रतिनिधि को घर में नजरबंद करना असंवैधानिक, मनमाना और दमनकारी है।
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक असहमति को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि ऐसी अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दोहराया कि वह संविधान, लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में दमन, गिरफ्तारी या हाउस अरेस्ट से पीछे नहीं हटेगी। संवैधानिक संघर्ष जारी रहेगा।









