हाथरस। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही ‘फ्रंट ऑफिस’ प्रणाली के विरोध में सोमवार से तहसील सदर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के समर्थन में तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। धरने की अध्यक्षता राकेश चौधरी ने की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय तानाशाहीपूर्ण है और इससे वर्षों से इस कार्य से जुड़े अनेक लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसील परिसर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। प्रभारी उप निबंधक तहसील सदर जयप्रकाश ने बताया कि हड़ताल के कारण सोमवार सुबह से एक भी बैनामा नहीं हो सका, जबकि सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन 50 से 60 बैनामे होते हैं।
धरना-प्रदर्शन में सुदर्शन शर्मा, राजपाल सिंह पूनिया, मदन मोहन गौड़, अजय शर्मा, दिनेश कुशवाहा, रघुवीर सिंह राणा, मनोज कातिब, गौरव कुमार, हरिशंकर कातिब सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट मौजूद रहे।









