हाथरस पुलिस ने एक वृद्ध व्यक्ति से लूट के प्रयास और झूठे आरोप लगाने के मामले में दो शातिर महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ‘यक्ष ऐप’ नामक आधुनिक AI तकनीक की मदद से संभव हुई, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए विकसित किया गया है। यह ऐप ऑपरेशन त्रिनेत्र, ऑपरेशन पहचान और बीट प्रहरी ऐप को एकीकृत करके बनाया गया है।
यह घटना 13 मार्च को हुई, जब एक वृद्ध व्यक्ति ने बैंक से 3 लाख रुपये निकाले। दो महिलाओं ने उनका पीछा किया और एक सुनसान जगह पर उन्हें रोककर बातचीत में उलझा लिया। उन्होंने वृद्ध के बैग में कट लगाकर रुपये छीनने का प्रयास किया। वृद्ध को उनकी नीयत पर संदेह हुआ और उन्होंने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग जमा हो गए।
खुद को घिरा देखकर दोनों महिलाओं ने वृद्ध पर दुर्व्यवहार का झूठा आरोप लगा दिया। सूचना मिलने पर थाना सासनी पुलिस टीम और यूपी-112 तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ का उपयोग करते हुए बैंक से घटनास्थल तक लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन तुरंत ट्रेस की।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों महिलाएं बैंक से ही वृद्ध का पीछा कर रही थीं और घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रही थीं।
दोनों महिलाओं की तस्वीरें ‘यक्ष ऐप’ पर अपलोड कर फेशियल रिकग्निशन और फोटो मैचिंग कराई गई, जिससे उनकी पहचान तुरंत सुनिश्चित हो गई। ‘यक्ष ऐप’ के विशाल आपराधिक डेटा बैंक से यह भी पता चला कि उनके खिलाफ लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, उन्नाव, आगरा, मथुरा और एटा जैसे विभिन्न जनपदों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों महिलाएं सुनियोजित तरीके से अकेले व्यक्तियों को निशाना बनाकर चोरी, लूट और झपटमारी जैसी वारदातों को अंजाम देती थीं। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान करीना पत्नी सांवत और ज्योति पत्नी गब्बर के रूप में हुई है, दोनों मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम गुलखेड़ी, पोस्ट पिपलिया रसोड़ा, पचोर की निवासी हैं।









