हाथरस में प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी, हर वर्ष पाठ्यक्रम परिवर्तन, बेहिसाब फीस वृद्धि और अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण के खिलाफ एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले जिलाधिकारी से मुलाकात की।
एडीएचआर द्वारा जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट प्रभारी उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया।
राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने बताया कि प्राइवेट स्कूल संचालक हर साल पाठ्यक्रम बदलकर, 30 से 50 प्रतिशत तक फीस बढ़ाकर और चुनिंदा दुकानों से किताबें खरीदने को मजबूर कर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अधिनियम, 2018 के बावजूद स्कूल जिला शुल्क नियामक समिति से अनुमति लिए बिना फीस बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एनसीईआरटी का सिलेबस जानबूझकर नहीं पढ़ाया जाता, क्योंकि इससे निजी प्रकाशकों के माध्यम से होने वाला मुनाफा बंद हो जाएगा। छोटे बच्चों के लिए भी हजारों रुपये की पतली किताबें जबरन खरीदी जाती हैं।
एडीएचआर ने मांग की कि शिक्षा सत्र 2026-27 में पाठ्यक्रम परिवर्तन पर पूर्ण रोक लगे, एनसीईआरटी सिलेबस लागू हो और फीस निर्धारण 2015-16 को आधार मानकर किया जाए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।







