जनपद हाथरस की साइबर क्राइम पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडिटिंग ऐप के माध्यम से महिलाओं की फर्जी आवाज, फोटो और वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में की गई।
मामला थाना हाथरस गेट क्षेत्र का है, जहां गली नंबर 10 विष्णुपुरी निवासी वादी सुखबीर सिंह ने 28 अक्टूबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार 8 अक्टूबर 2024 को उनके पुत्र के मोबाइल पर कॉल आया, जिसमें कर्ज लेने का झूठा आरोप लगाया गया। जब पुत्र ने इसे फर्जी बताया तो साइबर सेल में शिकायत की बात कही। इसके बाद आरोपियों ने AI तकनीक से तैयार की गई अश्लील फोटो व वीडियो भेजकर उन्हें वायरल करने की धमकी दी और मानसिक व आर्थिक रूप से ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर 9 अक्टूबर 2025 को वादी के पुत्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया और साइबर क्राइम थाना को जांच सौंपी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों में गए पैसों की तकनीकी पड़ताल की। टेक्निकल इंटेलिजेंस और ग्राउंड इनपुट के आधार पर 24 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर स्थित कैंटोनमेंट हॉस्पिटल छावड़ी क्षेत्र से दो अभियुक्तों—करन राजेन्द्र चिंदालिया और रोहन बिहारीलाल सोनवणे—को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे AI के जरिए फर्जी मोबाइल नंबर जनरेट कर खुद को लड़की बताकर व्हाट्सएप पर लोगों से बातचीत करते थे और बाद में अश्लील कंटेंट बनाकर ब्लैकमेल करते थे। वादी के पुत्र से 20 हजार रुपये ठगे गए थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 108, 351(2), 318/61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी व 67 के तहत कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत साइबर सेल को दें।







