यूपी के हाथरस में बृहस्पतिवार को पहुंचे निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने एससी/एसटी एक्ट को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनके हाथरस पहुंचने पर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद की ओर से जोरदार स्वागत किया गया।
मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र और भारत की आत्मा की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यदि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले ही ले लिया गया होता तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ता।
अग्निहोत्री ने जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘अकर्मण्य’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जनप्रतिनिधि जनता की सेवा के बजाय अपने निजी साम्राज्य खड़े करने में लगे हैं और लंदन, दुबई व सिंगापुर जैसे देशों में संपत्तियां बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस विनियमन से जुड़े जनप्रतिनिधियों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। अग्निहोत्री ने चेतावनी दी कि जनता जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए ‘पापों’ का बदला लेगी।
एससी/एसटी एक्ट को समाप्त करने की मांग दोहराते हुए उन्होंने सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के लोगों से इस मुद्दे पर ज्ञापन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट की एक धारा को असंवैधानिक घोषित किया था, लेकिन बाद में सांसदों द्वारा उसे फिर से बहाल करा दिया गया।
अलंकार अग्निहोत्री ने 1 फरवरी को भारत बंद तथा 7 फरवरी को प्रस्तावित सद्भावना यात्रा में शामिल होने की अपील की। यह आंदोलन राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के बैनर तले चलाया जा रहा है।







