सिकंद्राराऊ में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भय और परेशानी का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कहीं न कहीं बाहर से बंदरों को लाकर क्षेत्र में छोड़ा गया है, जिसके चलते अब उनका आतंक इस कदर बढ़ गया है कि घरों में कपड़े सुखाना, सड़कों पर चलना और बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बंदर आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं और बच्चों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। लोगों ने प्रशासन, वन विभाग और नगर पालिका से इस समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने और ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि बंदरों को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।
इसी क्रम में हाल ही में एक गंभीर मामला सामने आया है। कृष्णा बिहार कॉलोनी में बंदरों के अचानक डराने से 11 वर्षीय तानिया छत से नीचे गिर गई। घटना के बाद कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। घायल बच्ची तानिया, पुत्री शिशुपाल सिंह, को परिजनों ने तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें छुट्टी दे दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी और दुखद घटना हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जंगली बंदरों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि आम जनता को इस परेशानी से निजात मिल सके।







