पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत दुष्कर्म के अभियुक्तों को सुनाई न्यायालय ने कड़ी सजा

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हाथरस।उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में की गई सशक्त मॉनिटरिंग एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय हाथरस द्वारा थाना सिकन्द्राराऊ से संबंधित दुष्कर्म के अभियोग में तीन अभियुक्तों को कड़ी सजा सुनाई गई है।

मामला दिनांक 18 जनवरी 2020 का है, जब वादी द्वारा सूचना दी गई कि गाँव में लगे मेले से उसकी नाबालिग पुत्री को सोपाली पुत्र शंकर लाल कुशवाह एवं उसके दो अन्य साथियों द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया।
इस संबंध में थाना सहपऊ पर मु0अ0सं0 18/2020 अंतर्गत धारा 363 व 366 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

विवेचना के दौरान पीड़िता के धारा 161 व 164 सीआरपीसी के बयान के आधार पर दो अन्य अभियुक्तों—
राजेन्द्र सिंह पुत्र वीरी सिंह एवं
राकेश पुत्र महताब सिंह,
निवासी ग्राम कोकना कला थाना सहपऊ जनपद हाथरस—के नाम प्रकाश में आए।
पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले में धारा 376डी भादवि एवं 3/4 पोक्सो अधिनियम की बढ़ोत्तरी की गई।
वॉयस ओवर :
विवेचनात्मक कार्यवाही में अभियुक्त राकेश, राजेन्द्र एवं सोपाली के विरुद्ध धारा 363, 366, 376डी भादवि एवं 3/4 पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराध सिद्ध पाया गया।
पुलिस द्वारा तत्परता एवं गुणवत्ता के साथ विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र संख्या 33/2020 दिनांक 13.05.2020 तथा 33ए/2020 दिनांक 22.10.2020 माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया।

महिला संबंधी अपराधों में दोषियों को अधिकतम एवं त्वरित दंड दिलाने हेतु शासन के निर्देशों के क्रम में, ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल द्वारा अभियोग की निरंतर निगरानी की गई तथा अभियोजन शाखा द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।

जिसके परिणामस्वरूप आज दिनांक 29 जनवरी 2026 को माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / पोक्सो न्यायालय–I, हाथरस द्वारा—
धारा 363 भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को 03-03 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹3,000 अर्थदंड,
धारा 366 भादवि में 05-05 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड,
तथा धारा 376डी भादवि में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड
से दंडित किया गया।

यह सजा ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की प्रभावशीलता का प्रमाण है, जो महिला एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर कठोर संदेश देती है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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