हाथरस। जिले की ऐतिहासिक पहचान और राजा दयाराम के शौर्य के प्रतीक किला परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित इस ऐतिहासिक किला परिसर के हालिया सर्वे में 429 अवैध निर्माण/मकान चिह्नित किए गए हैं। इन्हें हटाने के लिए प्रशासन स्तर पर वृहद कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
पिछले लगभग 40 वर्षों में इस संरक्षित क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। कभी जहां किले के ऊंचे टीले और ऐतिहासिक अवशेष दिखाई देते थे, वहां आज कंक्रीट के मकान खड़े हो गए हैं। संरक्षण के नियमों के बावजूद भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा टीलों को काटकर यहां बस्तियां बसाई गईं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कराए जा रहे सर्वे में कुल 429 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन अब एएसआई के समन्वय से इस ऐतिहासिक धरोहर को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
उधर, प्रदेश सरकार द्वारा श्री दाऊजी महाराज मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के बाद इसका स्वरूप और अधिक भव्य एवं दिव्य बनाने की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं। सदर विधायक अंजुला सिंह द्वारा पर्यटन विभाग को पत्र लिखकर मेला परिसर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास से जोड़ने की मांग की गई है, जिससे ऐतिहासिक किला परिसर और दाऊजी महाराज मेला क्षेत्र को नया स्वरूप मिल सके।







